सबको खुश रखने वाली पुलिसकर्मी बेबी, रीवा में अपनी भाभी की गोद भराई (बेबी शॉवर) में शामिल होने के लिए छुट्टी पाने के लिए एक झूठा आरोप अपने सिर ले लेती है। वहाँ उसकी मुलाक़ात अपने बचपन के दोस्त बंसी से होती है, जिसकी उसी रात हत्या कर दी जाती है। ससुराल वालों की बेरुखी, पति की उदासीनता और स्थानीय पुलिस की लापरवाही के बावजूद, वह चुपके से हत्या की जाँच करती है। इस दौरान उसे परिवार के धोखे का पता चलता है और साथ ही उसे अपनी आवाज़, हिम्मत और एक असली पुलिसकर्मी के तौर पर अपनी पहचान भी मिलती है।
No artwork of this type.
No artwork of this type.
No artwork of this type.
No artwork of this type.
No artwork of this type.
No artwork of this type.
No lists.
No lists.
No lists.
Please log in to view notes.